पलायन को मजबूर ग्रामीणों पर जनकल्याण सामाजिक समिति ने जताई चिंता
Sanjay Nautiyal admin NGO |
07 Jun 2026
पलायन को मजबूर ग्रामीणों पर जनकल्याण सामाजिक समिति ने जताई चिंता
पाबौ/पौड़ी गढ़वाल। पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार एवं अन्य जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार फसलों के नुकसान, पशुधन पर हमलों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर डॉ. शिवानंद नौटियाल एवं सुरेन्द्र नौटियाल जनकल्याण सामाजिक समिति ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार, जंगली सूअर, बंदर और अन्य वन्यजीवों का बढ़ता आतंक किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खेतों में तैयार फसलें नष्ट होने से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है, जबकि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
समिति ने कहा कि रोजगार के सीमित अवसरों और खेती-किसानी में लगातार हो रहे नुकसान के कारण ग्रामीणों का पलायन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गांव खाली होते जा रहे हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
जनकल्याण सामाजिक समिति ने वन विभाग एवं शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था की जाए तथा किसानों को फसल एवं पशुधन नुकसान का शीघ्र और उचित मुआवजा दिया जाए। समिति ने ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका बचाने के लिए स्थायी समाधान निकालने पर भी जोर दिया है।
समिति ने कहा कि ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और पलायन रोकना सरकार एवं प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि लोग अपने गांवों में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।